राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने द हिंदू के हुडले में लिखा है, ‘सच्चाई को पूर्वाग्रहों के दोषों से ग्रहण नहीं किया जा सकता है।’

“सत्य निरपेक्ष रूप में विद्यमान है, जिसे पूर्वाग्रहों के दोषियों द्वारा ग्रहण नहीं किया जा सकता है। यह ‘आपकी सच्चाई’

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